हर मेंबर से सीधे रिलेशन बनाए ,पति के जरिए नहीं.

एक पत्नी पति के जरिए ही उसके पूरे परिवार से जुड़ती है, लेकिन बाद में हर सदस्य को यदि बहू सहारा और सम्मान देती है तो उसे कभी प्यार की या मान की कमी नहीं हो सकती! कि व्यक्ति के साथ संबंध इस बात पर निर्भर है कि हमने उसकी भावनाओं को कितना समझा है, उसे कितनी राहत दी है और कितना काम आए हैं! इंटरपर्सनल रिलेशन ही सबसे महत्वपूर्ण है! आप चाहे बहुत बड़े व्यक्ति हो, मां-बाप , सास-ससुर या काका हो! चाहे लोग आपका बहुत आदर करते हो लेकिन आपको किसी व्यक्ति से सम्मान तभी मिलेगा जब आपसे उस व्यक्ति को राहत और सम्मान मिला हो! सिर्फ पैसा खर्च करके प्यार का प्रदर्शन पाया जा सकता है, समय खर्च करके सच्चा प्यार पनपता है! दुनिया में अधिकतर लोगों को एक ही शिकायत है कि मैंने सब के लिए इतना किया जस नहीं मिला! इससे बचने के लिए सबसे पहले जानना जरुरी है की सामने वाला सबसे पहले क्या चाहता है! हम अपने अनुभव और अकल से अंदाजा लगाते हैं कि सामने वाले के लिए यही जरूरी है, पर नजरिया में फर्क होता ही है! जैसे बच्चे को बढ़िया पढ़ाते ,लिखाते ,खिलाते, पहनाते हैं, लेकिन कभी वह बिल्कुल बच्चा बनकर आपके साथ खेलना – मस्ती करना चाहता है ,तो उसे उतना समय और आजादी देना होगी ! तभी भविष्य के साथ वर्तमान का संतुलन बनेगा ! एक लोकप्रिय बहू रात को 12:00 बजे तक जाकर अपने हाथों से किसी बच्चे के लिए गिफ्ट बनाती थी ! किसी के लिए हाथों से कोई मिठाई बनाकर ले जाती! और यह काम चुपचाप घर के साधनों में ऐसे निपटाती की किसी को बाजार भेजकर परेशान नहीं करना पड़ता ! घर में भतीजे की तरफ से कहती है कि उसे मत उठाओ मुझे कहो मैं काम कर दूंगी! सास-ससुर के धर्म क्रिया में शामिल होती ! कि उसे धर्मों में कोई विशेष रुचि नहीं थी, मगर माता-पिता की रुचि में रुचि थी! रात को पति के साथ घर के खुशियों के प्लान बनाती ! पति की गलती पर सख्त शब्दों में कहती कि “बाप के बाप बनने की कोशिश मत करो ! तुम्हें इसलिए बड़ा नहीं किया कि तुम बहस करो ! आप करोगे तो हमारा मरा मुंह देखोगे ! “बड़े भैया बहुत अच्छे हैं ,उन्हें अच्छे से समझो !” “आज हमने और भाभी ने खूब मजाक – मस्ती की !” इस तरह हर रोज ताजगी भरी बातें करके उसने पति का दिल जीत लिया! शुरुआत में प्रदर्शन भी करना पड़े तो बुरा नहीं! क्योंकि शुरू का प्रदर्शन ही आगे चलकर गहरे सच्चे प्यार में बदलता है! अच्छे प्रदर्शन का विचार भी अच्छे दिमागों में ही जनम ले सकता है! परिवार के हर व्यक्ति को यह लगना चाहिए कि टेंशन नहीं लेती, बुरा नहीं मानती! छोटा सा बच्चा भी आपके पास आकर अपने मन की बात बगैर किसी डर के कह देगा आप सब से सीधे जुड़ जाएंगी! पुरुषों को प्यार नहीं आता औरत ही पुरुष को प्यार को समझना और जाहिर करना सिखाती है!

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