कैसे हो टेंशन फ्री ?—HOW TO GET RID OF STRESS?

कैसे हो टेंशन फ्री ?

हर कोई टेंशन फ्री जीना चाहता है ,पर ये बीमारी आती कहाँ से है , ये तो पता कर लें ,
फिर इलाज़ बहुत ही आसान  है –


१. अपने को सही साबित करने की जल्दी न करें।

आदमी अपनी धारणा या विचारों को अपनी औलाद से भी ज्यादा प्यार करता है और पकड़ के रखता है।
स्टीव जॉब्स हो या पान सिंह तोमर,सब आखिर में यही सुनना चाहते है –
देखा ,मैं सही था ना।
कोई मासूम ये तो गौर ही नहीं करता कि रामजी या गांधीजी भी सबसे ये नहीं सुन पाए।

2. पैसों के पीछे भागने से पैसा नहीं मिलता।

शुरू में ही पैसों की गिनती में पड़कर लोग काम शुरू भी नहीं कर पाते।
 काम करते रहो ,पैसे को आना ही पड़ेगा।

3. अभावों में औलादों की सही परवरिश होती है।

उसको हर परेशानी से बचाने के चक्कर में आप परेशान रहोगे ,दस साल पहले टपक जाओगे और बच्चे बेचारे आपकी वजह से अनाथ रह जाएंगे।
अपने संघर्षों में उन्हें भी हिस्सा बनने दो, यही तो सबसे सही चीज़ है जो माँ बाप बच्चों को दे सकते है।

4. खुद पर हंसने वालों पर दुनिया नहीं हंसती।

दूसरों पे हंसने वाला आज हंसा तो कल फंसने पे रोयेगा।
खुद पे हंसने वाला हमेशा हँसता रहेगा और यही दुनिया पे सबसे बड़ा एहसान है।

5. हर नया काम एक मनोरंजन है।

एक काम जो रोज़गार को पकड़ा है ,उसे नए नए तरीकों से करते रहें।
लोगों के काम करते रहो ,काम उनके होंगे ,तजुर्बा तुम्हे मिलेगा ,तारीफ़ तो मिलनी ही है।

6. जिम्मेदारी जीवन में रोमांच पैदा करती है।
लेकिन बीबी बच्चे सब अपना नसीब लेकर आये है।  सच नहीं लगता ?
चलो अपनी औकात जान लेते है –
बच्चे का शरीर आपने चुना ?
घर आपने चुना ?एक अंग काम नहीं करता तो क्या उखाड़ लेते आप ?
दो दिन के बच्चे को हॉस्पिटल में लावारिस छोड़ जाते है तो गोद लेने वालों की लाइन लगती है आजकल।

7. अपनों को 3 अनमोल चीजें देना जरुरी है-

प्यार , समय  और हौंसला। तीनो के लिए एक पैसा खर्च नहीं होता।
सब कुछ दिया ,पर होंसला नहीं दिया ,तो भरे पुरे घर में बच्चा या बीबी पंखे से लटक जाते  है।

8. ज़रा सा ज़हर तो दवा होता है।

जरा सा टेंशन ले भी लिया तो फायदा ही करेगा।जो भी दुनिया में है ,हर इमोशन ,हर इंसान -सब कुछ  काम का
है। बाद में तो सबको ये समझ आता ही  है ,पहले समझा तो रोना गाना ज्यादा नहीं होगा।

9. किसी के पास अहंकार के अलावा खोने को कुछ नहीं है।

एक कमरे के मकान में मेहमान आते है तो भी कोई हादसा नहीं होता। बस उतना ही दर्द होता है जो छोटे बंगलो के आगे बड़ा बंगलो बनने से होता है।
अब एक दिन के दर्द से बचने को बीस साल दर्द पालना ठीक है क्या?

10. इच्छा धुंआ है ,इसके लिए परेशान मत रहो।

इसका ये मतलब बिलकुल नहीं कि इच्छा या सपने से डरो।
पैसा ,डिग्री या गुड लुक्स में कुछ नहीं रखा ,ऐसा कहने वाले कितना भी छुपाये ,उनके पीछे से निकलता धुंआ
साफ़ दिखता है ?
सब मस्त चीजें है , मेरे पास होती तो इन चीजों का मज़ा लेता ,
जब तक नहीं है ,उन चीजों में मस्त रहूँ जो मेरे पास है ,
और हँसते खेलते कोशिश करते रहें।

11. दूसरों की बारात में नाचने वाला रोज़ नाचता है।

अपनी बारात तो एक दिन निकली और खेल ख़त्म।  दूसरों की बारातें तो हर साल निकल रही है।
हर एक की ख़ुशी को एन्जॉय करो , यहाँ कोई रेस नहीं लगी है।
उसने अपना मकान दिखाया और आप कमी ढूंढने लगे।
वो बोले मेरा चिंटू होशियार है ,आप तत्काल फुट पड़े -मेरा पिंटू भी। (आँखों में लिखा है – तेरे वाले से ज्यादा

12. सबको ये सब फंडे पता है यार ,

क्यों पकाते हो बार -बार ? प्रॉब्लम जब तक है ,उसका कारण भी होगा ही। सोचो -सोचो।
अभी बोर हो रहे है तो फ़ंडे भूल जाते है।

साला कभी लगता है कि कुछ ख़ास कर नहीं पा रहे और वक़्त दनादन फिसल रहा है।
और कभी लगता है कि सब तो कर चुके,पर दिन है कि गुज़रता ही नहीं ,यहीं पसर गया बेशरम।

आप तो बस मज़ा ला दो लाइफ में ,
जब बोर होते है न ,तभी हम अगले -पिछले (पास्ट -फ्यूचर ) का गाना गाते है।

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